
जलगांव ध्यान केन्द्र
दोस्तों जलगांव और भुसावल में ओशो साधक बड़ी संख्यामे है। ओशो जब आचार्य रजनीश नामसे पुरे देशमे मशहूर थे उस जमानेमे उनका यहा आगमन भी हुवा है। उनके प्रवचनोकी जादू जलगावके सैकडो लोगोकी जहनमे अभी भी ताजा है। १९८० के बाद जलगाव मे उनके कार्य को प्रारंभ हुवा। १९८९ मे यहा के रोटरी हॉल मे तीन दिवसीय ध्यान शिबिर का भी सफल आयोजन हुवा। दो साल के बाद यहा





